मेरा गाँव - मेरा तीर्थ
म्येरू पहाड़ फाउंडेशन – परिचय
म्येरू पहाड़ फाउंडेशन एक सामाजिक संस्था है, जो उत्तराखंड की समृद्ध पहाड़ी संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों को संरक्षित करने और समाज
के कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यरत है। यह संस्था मुख्य रूप से उत्तराखंड और दिल्ली में सक्रिय है।
प्रमुख उद्देश्य
- पहाड़ी संस्कृति का संरक्षण व प्रचार-प्रसार
- उत्तराखंड के पारंपरिक गीत, नृत्य, लोककथाएँ और त्योहारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना।
- दिल्ली जैसे महानगरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर पहाड़ी समाज
को अपनी परंपराओं से जोड़ना।
- त्योहारों का सामूहिक उत्सव
- हरेला, बग्वाल, होली, फूलदेई आदि पर्वों को सामूहिक रूप से मनाकर
भाईचारा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना।
- हरेला, बग्वाल, होली, फूलदेई आदि पर्वों को सामूहिक रूप से मनाकर
- स्वास्थ्य सेवाएँ गाँव-गाँव तक पहुँचाना
- उत्तराखंड के दूरस्थ गाँवों में निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम द्वारा जाँच, दवाइयाँ और परामर्श उपलब्ध कराना।
- ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण और रोग-निवारण के विषय में जागरूक करना।
हमारी गतिविधियाँ
- दिल्ली में सांस्कृतिक आयोजन – हर साल दिल्ली और एनसीआर में उत्तराखंडी त्योहारों पर विशेष कार्यक्रम, गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुतियाँ।
- गाँवों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर – ब्लड प्रेशर, शुगर, आँखों की जाँच, महिला स्वास्थ्य और बच्चों के लिए टीकाकरण जैसी सेवाएँ।
- युवा पीढ़ी को जोड़ना – स्कूलों और कॉलेजों में कार्यशालाएँ आयोजित कर उत्तराखंडी भाषाओ और संस्कृति के महत्व को समझाना।
- सांस्कृतिक परिचय – उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओ से युवा पीढ़ी को परिचित करना।
हमारी टीम का परिचय
हमारी टीम समर्पण, सहयोग और सेवा की भावना से प्रेरित है। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हमारे सदस्य एक साझा उद्देश्य के साथ काम करते हैं उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को संजोना, समाज में जागरूकता फैलाना और जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाना। टीम के प्रत्येक सदस्य की मेहनत और निष्ठा ही हमारी शक्ति है, जो हमें आगे बढ़ने और सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देती है।

डॉ. दयाल सिंह पंवार
ट्रस्टी
प्रोफेसर, श्री लाल बहादुर शास्त्री
राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

श्री महिपाल सिंह नेगी
चेयरमैन / मैनेजिंग ट्रस्टी
सामाजिक कार्यकर्त्ता

डॉ. सारिका गोसाईं
ट्रस्टी
प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय
